स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देश
बालिकाओं के विरुद्ध लैंगिक अपराधों की रोकथाम के लिए स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत
बैतूल। जिले के शासकीय एवं निजी विद्यालयों में अध्ययनरत बालक-बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विशेष रूप से बालिकाओं के विरुद्ध दुराचार, लैंगिक अपराध एवं यौन शोषण की घटनाओं की रोकथाम के लिए जिले के सभी विद्यालयों के प्राचार्यों एवं प्रधानाध्यापकों को आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
दूर्गेश यादव, मध्यप्रदेश हेड — जन-जन की आवाज़ न्यूज़ 24 के अनुसार, पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक विद्यालय में बच्चों के लिए सुरक्षित, भयमुक्त और सम्मानजनक वातावरण होना चाहिए। स्कूलों में कार्यरत शिक्षक, कर्मचारी, वाहन चालक, परिचालक, सुरक्षा गार्ड सहित अन्य कर्मचारियों का नियमानुसार पुलिस एवं चरित्र सत्यापन कराया जाना आवश्यक है।
बच्चों को सुरक्षा के प्रति किया जाएगा जागरूक
विद्यालयों में बच्चों को Good Touch और Bad Touch, व्यक्तिगत सुरक्षा, लैंगिक अपराधों से बचाव तथा साइबर सुरक्षा के संबंध में नियमित रूप से जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। बच्चों को यह भी बताया जाएगा कि किसी भी व्यक्ति द्वारा गलत व्यवहार किए जाने पर वे बिना डर के अपने माता-पिता, शिक्षक या संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति को इसकी जानकारी दें।
CCTV और संवेदनशील स्थानों की निगरानी पर जोर
पुलिस अधीक्षक ने विद्यालय परिसर के संवेदनशील एवं एकांत स्थानों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। स्कूल परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ CCTV कैमरों को हमेशा कार्यशील रखने पर विशेष जोर दिया गया है।
स्कूल बस एवं अन्य वाहनों में भी बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा विद्यालय परिसर में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश को नियंत्रित करने तथा संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल नजर रखने को कहा गया है।
बालिकाओं की शिकायतों के लिए महिला नोडल अधिकारी
बालिकाओं की शिकायतों को गंभीरता से सुनने और उनकी समस्याओं का सुरक्षित तरीके से समाधान करने के लिए प्रत्येक विद्यालय में महिला शिक्षक अथवा महिला कर्मचारी को नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही शिकायत पेटी एवं बाल शिकायत व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने को कहा गया है, ताकि बच्चे बिना किसी डर या दबाव के अपनी समस्या विद्यालय प्रबंधन तक पहुंचा सकें।
साइबर अपराधों से भी बचाव की दी जाएगी जानकारी
बच्चों को सोशल मीडिया के बढ़ते खतरों के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। विशेष रूप से साइबर ब्लैकमेलिंग, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल और निजी फोटो या वीडियो साझा करने से होने वाले नुकसान के बारे में बच्चों को जानकारी दी जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने विद्यालय प्रबंधन से कहा है कि बच्चों को इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में लगातार जागरूक किया जाए।
लैंगिक अपराध की जानकारी छिपाने पर सख्त चेतावनी
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी बालक या बालिका के साथ लैंगिक अपराध अथवा किसी प्रकार के दुर्व्यवहार की जानकारी सामने आती है, तो मामले को दबाने, छिपाने या आपसी समझौते का प्रयास नहीं किया जाए।
POCSO Act के प्रावधानों के अनुरूप तत्काल पुलिस को सूचना देने तथा घटना से संबंधित CCTV फुटेज एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पीड़ित बच्चे की पहचान और निजता की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।
बच्चों की सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी
पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक शिक्षक, कर्मचारी और अभिभावक का नैतिक एवं वैधानिक दायित्व है। किसी भी बच्चे की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उसे भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
उन्होंने अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन से अपील की कि बच्चों के व्यवहार में होने वाले बदलावों पर ध्यान दें और यदि बच्चा किसी परेशानी या दुर्व्यवहार की बात बताता है तो उसकी बात को नजरअंदाज न करें।
पुलिस अधीक्षक की अपील
पुलिस अधीक्षक बैतूल ने जिले के सभी विद्यालयों, शिक्षकों, कर्मचारियों और अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाए। किसी भी प्रकार के दुराचार, लैंगिक अपराध या शोषण की जानकारी मिलने पर उसे छिपाने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना दी जाए, ताकि समय रहते प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जा सके।
जन-जन की आवाज़ न्यूज़ 24
दूर्गेश यादव — मध्यप्रदेश हेड


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